एक शाम चांदनी चौक की गलियों के नाम..

जैसे ही आप दिल्ली के चांदनी चौक के बारे में बात करते हैं तो सामने जेहन में संकरी गलियां, रिक्शे, ऑटो, सिर पर सामान ढोते मजदूर, बिजनेस में डूबे कारोबारियों की तस्वीर सामने आती है. इसकी तंग गलियां अलग ही दुनिया में ले जाती हैं, जहां सब कुछ अव्यवस्थित है, सब कुछ अराजक है. इसके बावजूद कुछ ऐसा है कि आप खिंचे चले आते हैं इन्हीं संकरी गलियों में. पुरानी दिल्ली के चांदनी चौक में हर दिन कारोबार सरपट दौड़ता है. देश भर से, खासतौर से दिल्ली से सटे राज्यों से छोटे, मंझोले से लेकर बड़े बिजनेसमैन तक सब अपने मतलब की चीजों के लिए यहां खाक छानते हुए दिख जाते हैं. पुरानी दिल्ली की इन्हीं गलियों में ग़ालिब की हवेली है तो जामा मस्जिद के पास कुछ ऐसी गलियां भी हैं जो आपकी खाने की हर तमन्ना पूरी करती हैं. अगर आप शाकाहारी हैं तो बिस्किट, रस्क, सेवईयां, लस्सी, फिरनी, रबड़ी, तरह-तरह की मिठाइयों से अपना मुंह मीठा कर सकते हैं और अगर आप मांसाहारी हैं तो फिर इस इलाके में और भी लजीज डिश हैं जो कई सालों से दुकानदार वैसे ही बनाते चले आ रहे हैं जैसे उनके दादा-परदादा बनाया करते थे. इन्हीं गलियों की कुछ तस्वीरें जो पुरानी दिल्ली के मूड को कैप्चर कर रही हैं.