हर कोई बाबा की शरण में...नेता से लेकर अभिनेता तक

बाबा के दर पर हर किसी का भला होता है, चाहे नेता हो या फिर अभिनेता. अब चूंकि इत्ता बड़ा कांड बाबा के अंधभक्तों ने पंचकूला में कर दिखाया तो राजनेता निशाने पर हैं. और हो भी क्यों ना जब 31 लोग मारे जाए और 250 से ज्यादा घायल हो जाए, करोड़ों की संपत्ति को खाक कर दिया जाए तो जवाबदेही तो बनेगी ही. अब इससे तो नेता भाग नहीं सकते. सोशल मीडिया से लेकर न्यूज मीडिया तक हर कोई हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का इस्तीफा मांग रहा है. लेकिन खट्टर साहब हैं कि टस से मस नहीं हो रहे. उनका बस चले तो वो ट्रोल करने वालों से पूछ लें कि अब काहे का शोर मचा रहे हो, इतना क्या हो गया पंचकूला में कि आसमान सिर पर उठा रहे हो? अरे, आसमान सिर पर उठाना ही था तो उस वक्त उठाते जब अखबारों में मेरी तस्वीरें बाबा राम रहीम के साथ आई थी. उस वक्त तो किसी ने कुछ भी ना कहा, क्या उस वक्त लोगों को पता नहीं था कि बाबा के उपर साध्वी से रेप का आरोप लगा है, क्या भोले भाले खट्टर साहब को भी नहीं पता था. 
अजी हमारे नेताओं को सब मालूम होता है, कुछ भी इनसे नहीं छिपता है. उन्हें समय पर दिख जाता है कि फलाना बाबा के इतने ढपोरशंखी अंधभक्त हैं कि बाबा अगर एक बार मुनादी कर देंगे तो लाखों का वोट पक्का. बस इसी लालच में बाबा के पहलू में ये नेतागण खिंचे चले आते हैं. तभी तो जब चुनाव का मौसम होता है, तब बड़े से लेकर छोटे नेता तक चाहे वो किसी भी पार्टी से ताल्लुक रखते हों बाबा के पास अचानक से दिखने लगते हैं. और बाबा लोग भी इस मौके का खूब फायदा उठाते हैं. फिर तो वही होता है सत्ता अंधविश्वास के पास आती है और अंधविश्वासी बाबा के चरणों में.. 


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